| न तुम हारे न हम जीते |
| नेशनल लोक अदालत में निपटे 289 प्रकरण |
| दमोह | 09-सितम्बर-2017 |
म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार परस्पर समझौते के आधार पर आमजन को त्वरित एवं सुलभ न्याय दिये जाने के उद्देश्य से आज जिला न्यायाधीश श्रीराम दिनकर के कुशल नेतृत्व में जिला न्यायालय दमोह तथा तहसील न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीराम दिनकर ने गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर अध्यक्ष अधिवक्ता संघ दमोह कमलेश भारद्वाज, विशेष न्यायाधीश/प्रभारी अधिकारी नेशनल लोक अदालत आर. एस. शर्मा, जिला न्यायालय के समस्त न्यायाधीशगण, प्रशासनिक अधिकारी, अधिवक्तागण, पक्षकारगण एवं न्यायालयीन कर्मचारीगण उपस्थित रहे। नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित दाण्डिक, सिविल, मोटर दुर्घटना, कुटुम्ब न्यायालय, चैक बाउंस, विद्युत, के प्रकरणों के साथ-साथ बैंकों के प्रिलिटिगेशन प्रकरणों को रखा गया था। जिनके निराकरण हेतु संपूर्ण जिलों में 17 खण्डपीठों का गठन किया गया था। प्रत्येक खण्डपीठ में 1 पीठासीन अधिकारी एवं 2 सदस्यों (सुलहकर्ता) की नियुक्ति गई थी। जिला रजिस्ट्रार/सचिव शिवराज सिंह गवली ने जानकारी देते हुये बताया कि नेशनल लोक अदालत में मोटर दुर्घटना के 28 प्रकरणों में 3422905/- के अवार्ड पारित किये गये तथा न्यायालयों में लंबित विद्युत के 121 प्रकरणों में 979139/- , चैक बाउंस के 11 प्रकरणों में 652250/- के अवार्ड पारित किये गये इस प्रकार न्यायालयों में लंबित कुल 221 प्रकरणों में दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर राजीनामा किया गया। इसी प्रकार प्रिलिटिगेशन के बैंकों के 37 प्रकरणों में 638378/- तथा नगर पालिका के 31 प्रकरणों में 432694/- की वसूली की गई इस प्रकार प्रिलिटिगेशन के 68 प्रकरणों में पक्षकारों की सहमति एवं सुलह के आधार पर प्रकरणों का निराकरण किया गया।
पारिवारिक कलह से जूझ रहे दम्पत्ति हुये एक
कुटुम्ब न्यायालय के लंबित प्रकरण में खेलबाई पटैल ने अपने पति हल्ले पटैल के विरूद्ध भरण पोषण प्राप्त करने प्रकरण प्रस्तुत किया था, दोनों के विवाह संबंध से एक पुत्री व दो पुत्र हुये। उक्त प्रकरण में पति-पत्नि को पीठासीन अधिकारी एवं सुलहकर्ता सदस्यों के द्वारा समझाईश दिये जाने के उपरांत दोनों ने अपने-अपने प्रकरण में राजीनामा किया व दोनों मुस्कुराते हुये न्यायालय से विदा हुये। इसी प्रकार आरती पटैल ने अपने पति सुरेश पटैल के विरूद्ध भरण-पोषण प्राप्त करने हेतु एवं पति सुरेश पटैल ने पत्नि आरती पटैल के विरूद्ध विवाह पुर्नस्थापना हेतु प्रकरण प्रस्तुत किया । प्रस्तुत प्रकरण में दम्पत्तियों ने सामंजस्य स्थापित करते हुये मुकदमेबाजी को समाप्त किया और एक साथ रहने हेतु राजी हुये व विवादों का अंत किया।यह नेशनल लोक अदालत सभी न्यायाधीशों एवं सभी अभिभाषक बंधुओं, जिला प्रशासन, पत्रकार बंधुओं, जिला न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समस्त स्टाफ के सहयोग से किया गया। जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चैरसिया, ने नेशनल लोक अदालत में सहयोग हेतु सभी का आभार व्यक्त किया है। |
Sunday, 10 September 2017
नेशनल लोक अदालत में निपटे 289 प्रकरण
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