Wednesday, 27 September 2017

हिंसा मानव विकास में सबसे बड़ी रूकावट - मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी


जेल में विधिक साक्षरता शिविर समपन्न 
दमोह | 27-सितम्बर-2017
 
   जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीराम दिनकर के निर्देशानुसार जिला जेल दमोह में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी संदीप श्रीवास्तव, जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चैरसिया, जेलर एन.एस राणा, जेलर रामलाल सहलाम, जेल स्टाफ एवं बंदीगण उपस्थित रहे।
   कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप श्रीवास्तव ने बंदियो को संबोधित करते हुए कहा कि जाने अनजाने में मानव से कुछ गलतियां हो जाती है जिसके सुधार हेतु कारावास में निरूद्ध किया जाता है। किन्तु कारावास में रहने के कारण भी बंदियों के उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता। कारावास में रहते हुये सभी बंदियों को धर्मपालन, शिक्षा, निःशुल्क विधिक सहायता, चिकित्सा इत्यादि के अधिकार प्राप्त होते है। संविधान द्वारा यह अधिकार प्राप्त है। साथ ही संविधान में यह उल्लेख है कि प्रत्येक नागरिक को हिंसा से दूर रहना चाहिए। उन्होने कहा कि हिंसा से किसी को लाभ नहीं होता वरन हिंसा से केवल क्षति ही होती है और हिंसा मानव के विकास मे रूकावट पैदा करती है। आपने प्लीबारगेनिंग और लोक अदालत के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
   जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चैरसिया ने बताया कि कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के अनुसार किसी भी पक्ष को बिना सुने दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इसी कारण जेल में निरूद्ध व्यक्तियों को तहसील न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक अपने प्रकरण में पैरवी हेतु निःशुल्क विधिक सहायता का अधिकार है इस अधिकार के माध्यम से बंदीगण प्रकरण में अधिवक्ता की नियुक्ति विधिक सहायता के माध्यम से कर सकते हैं।
   कार्यक्रम का संचालन ऋषिकांत शुक्ला, जेल शिक्षक एवं आभार प्रदर्शन एन.एस.राणा एवं श्री रामलाल सहलाम द्वारा किया गया।

No comments:

Post a Comment

लमती नाला पुल निर्माण से आसान हुआ सफर "खुशियों की दास्तां"

जिलें की हटा तहसील मुख्यालय के मड़ियादो-चोरईया मुख्य मार्ग के बीच लमती नाला पुल के निर्माण से अब इस क्षेत्रवासियों को छतरपुर और टीकमगढ़ सहित ...