बेटी के हाथ की अंगुलियां नहीं होती सीधी ;चिंता में माँ बाप
दमोह जिले के ग्रामपंचायत घोघरा का मामला
बचपन में वर्षा आदिवासी का आगजनी में हाथ जल गया, अंगुलियां पूरी तरह से खत्म हो गईं थीं। केवल हथेली ही बची थी, मगर जैसे-जैसे उम्र बढ़ती गई, लड़की की हथेली में फिर से अंगुलियां बढ़ना चालू हो गईं, बढ़ते-बढ़ते 10 साल में अब उसकी पांचों अंगुलियों की लंबाई पौन इंच से एक इंच तक की हो गई हैं। लेकिन बढ़ती अंगुलियों के सामने एक संकट खड़ा हो गया है अंगुलियां के साथ स्किन नहीं बढ़ रही है।
जिससे अंगुलियों में खिंचाव आ रहा है। उसे अब सर्जरी की दरकार है। मगर आर्थिक स्थिति ठीक न होने की वजह से उसका सर्जरी नहीं हो पा रही है। खास बात यह है छात्रा पढ़ने में होशियार है मिडिल में पड़ रही है, लेकिन हाथ की अंगुलियां काम न करने की वजह से वह परेशान हो जाती है और काम भी नहीं कर पाती है।
दरअसल हटा जनपद के घोघरा मिडिल स्कूल की छात्रा वर्षा आदिवासी 12 का बाया हाथ बचपन में आग से जल गया था। बुरी तरह हाथ जलने से उसकी केवल हथेली बची हुई थी। परिजनों को उम्मीद नहीं थी कि वर्षा के हथेली मंे अंगुलियों फिर से आने लगेगी। लेकिन जैसे ही उसकी उम्र बढ़ना चालू हुई, धीरे-धीरे अंगुलियां भी बढ़ने लगीं। 10 साल में उसकी अंगुलियों की साइज एक इंच तक पहुंच गई। जिससे परिजनों की उम्मीद बढ़ गई थी वर्षा कि अंगुलियां पहले जैसे हो जाएगीं। मगर उनके सामने एक समस्या खड़ी हो गई है। जो अंगुलियां बढ़ रहीं हैं, उनके साथ स्किन (त्वचा) भी चिपकी हुई है। जिससे वर्षा को दर्द रहता है, लेकिन पांचों अंगुलियां बढ़ने से परिजनों को इस बात की खुशी है कि उसकी अंगुलियां वापस आ रही हैं। आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से वे उसका इलाज नहीं कर पा रहे हैं। उन्हें दरकार है, कोई उनकी बेटी का इलाज करा दें।

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