दमोह में 75.7 प्रतिशत 6 माह से 5 वर्ष के बच्चे खून की कमी से प्रभावित हैं। वहीं पन्ना जिले में 49 प्रतिशत महिलायें खून की कमी की शिकार हैं। |
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| सागर | 26-सितम्बर-2017 |
मध्यप्रदेश शासन का महत्वाकांक्षी लालिमा अभियान खून की कमी एवं कुपोषण के रोकथाम की अनूठी पहल है। कमिश्नर सागर संभाग के सभागार में महिला एवं बाल विकास विभाग के अन्तर्गत लालिमा अभियान के प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु संभाग स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ श्रीमति शशि श्याम उइके संभागीय संयुक्त संचालक एकीकृत बाल विकास, सेवा सागर संभाग सागर द्वारा किया गया। कार्यशाला में श्री प्रदीप राय जिला कार्यक्रम अधिकारी एकीकृत बाल विकास सुश्री करूणा खरे सहायक संचालक एकीकृत बाल विकास श्री आशीष जैन सहायक संचालक एकीकृत बाल विकास श्री विकास गुप्ता सहायक संचालक एकीकृत बाल विकास श्री तारकेश्वर मिश्रा संभागीय पोषण समन्वयक तथा यूनीसेफ प्रतिनिधि, श्री ज्ञानेन्द्र तिवारी समर्थन चाई प्रोजेक्ट एवं परियोजना अधिकारी तथा कार्यशाला हेतु चयनित पर्यवेक्षक उपस्थित थीं।
कार्यशाला में श्री मिश्रा, द्वारा खून की कमी के दुष्परिणामों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। कार्यशाला में प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रदेश में एवं सागर संभाग के सभी जिलों में खून की कमी की गंभीरता को बताया गया जिसमें संभाग के जिला दमोह में 75.7 प्रतिशत 6 माह से 5 वर्ष के बच्चे खून की कमी से प्रभावित हैं। वहीं पन्ना जिले में 49 प्रतिशत महिलायें खून की कमी की शिकार हैं। कार्यशाला में खून की कमी के कारणों एवं उसके निदान पर विशेष चर्चा की गई। श्री ज्ञानेन्द्र तिवारी द्वारा बताया गया कि शासन की मंशानुसार लालिमा अभियान के अन्तर्गत प्रत्येक गांव में लालिमा समूह का गठन किया गया है। कार्यशाला में प्रशिक्षण की निरन्तरता बनाते हुये अपने संबंधित जिलों में प्रत्येक लालिमा समूह का प्रशिक्षण सुनिश्चित करेंगे। लालिमा समूह अपने ग्राम में समुदाय के मध्य वातावरण निर्माण कर आई.एफ.ए. गोलियों के सेवन की निगरानी के साथ लोगों के खाने में विविधता एवं खाने से संबंधित गलत व्यवहारों को ठीक करने में मदद करेगी। कार्यशाला में कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. के.एस.यादव एवं पोषण विशेषज्ञ डॉ. विनीता सिंह उपस्थित थी। डॉ. के.एस.यादव द्वारा कृषि संबंधी तकनीकी जानकारी वहीं डॉ. विनीता सिंह द्वारा आयरन युक्त एवं विटामिन सी युक्त भोज्य पदार्थ एवं उसके उपयोग की तकनीकी जानकारी प्रशिक्षकों को दी गई। |
Tuesday, 26 September 2017
खून है तो सांस है, पोषण है तो आस है
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